एमपी राज्यसभा चुनाव: बीएपी उतारेगी उम्मीदवार, कांग्रेस की बढ़ी चिंता
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं। इन सीटों पर वर्तमान में बीजेपी के केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी तथा कांग्रेस के दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 19 जून को समाप्त हो रहा है। कांग्रेस के लिए दिग्विजय सिंह वाली राज्यसभा सीट को लेकर लगातार चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।
बीएपी का उम्मीदवार उतारने का ऐलान
भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) ने मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी की है। रतलाम जिले की सैलाना सीट से बीएपी विधायक कमलेश्वर डोडियार ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी राज्यसभा के लिए एक प्रत्याशी उतारेगी। डोडियार ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि दोनों दल आदिवासी इलाकों में आदिवासियों के हितों के लिए संघर्ष करने की बातें करते हैं। उन्होंने अपील की कि राज्यसभा में आदिवासियों की आवाज पहुंचाने के लिए वे बीएपी के आदिवासी उम्मीदवार को समर्थन दें।
कांग्रेस के लिए बढ़ी चुनौती और क्रॉस वोटिंग का खतरा
कांग्रेस को अपनी राज्यसभा सीट जीतने के लिए बहुमत का आंकड़ा, यानी 58 विधायकों की आवश्यकता है। वर्तमान में बीना विधायक लोकसभा चुनाव में बीजेपी के साथ जा चुकी हैं और विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है, जिससे कांग्रेस के पास विधायकों की संख्या 63 रह गई है। हालांकि, संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस के पास पर्याप्त विधायक हैं, लेकिन हाल ही में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और बिहार में राज्यसभा चुनावों में हुई क्रॉस वोटिंग के कारण मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस की टेंशन बढ़ गई है। इन राज्यों में कांग्रेस को भीतरघात का सामना करना पड़ा था, जिससे उसे सीटों का नुकसान हुआ।
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने यह भी बताया कि जब कांग्रेस और बीजेपी दोनों दल आदिवासी समुदाय का वोट लेने जाते हैं, तो बीएपी भी उनसे अपने आदिवासी कैंडिडेट को सहयोग करने का अनुरोध करेगी।
राष्ट्रपति चुनाव में भी हुई थी क्रॉस वोटिंग
2022 के राष्ट्रपति चुनाव में भी मध्य प्रदेश के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। उस समय एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू और यूपीए उम्मीदवार यशवंत सिन्हा आमने-सामने थे। मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से 47 सीटें आदिवासी समाज के लिए आरक्षित हैं। कांग्रेस, सपा, बसपा और निर्दलियों को मिलाकर विपक्ष के पास 100 विधायक थे, जबकि यूपीए उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को केवल 79 वोट मिले थे। भाजपा प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू को 146 वोट मिले थे, जिसका अर्थ है कि 19 विधायकों ने क्रॉस वोट किया था। विपक्ष के कई आदिवासी विधायकों ने द्रौपदी मुर्मू को आदिवासी कैंडिडेट होने के कारण वोट दिया था, जिससे कांग्रेस की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
Sharad Shrivastava