मध्यप्रदेश में प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज, जनगणना के लिए अधिकारियों की तैनाती
मध्यप्रदेश में आगामी वर्ष होने वाली जनगणना की तैयारी के तहत राज्य सरकार ने प्रशासनिक सीमाओं को 31 दिसम्बर को फ्रीज करने का निर्णय लिया है। इस प्रक्रिया से पहले गृह विभाग ने जनगणना के संचालन के लिए विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की नियुक्ति कर उन्हें जनगणना संबंधी अधिकार और दायित्व सौंप दिए हैं।
संभाग और जिलों में जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति
गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार संभागायुक्त को संभागीय जनगणना अधिकारी घोषित किया गया है। इसी तरह प्रत्येक जिले में कलेक्टर को प्रमुख जनगणना अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। कलेक्टर द्वारा तय किए गए अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर या डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी को जिला जनगणना अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, जनगणना कार्य के लिए तैनात किए जाने वाले प्रगणकों के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों के लिए 13 अधिकारियों को भी विशेष जनगणना दायित्व सौंपे गए हैं। इन्हें अपने-अपने पदस्थापना क्षेत्र में जनगणना संबंधी कार्यों के लिए जिम्मेदार बनाया गया है और निर्देशित किया गया है कि वे सौंपे गए दायित्वों का पालन सुनिश्चित करें।
जनगणना अधिनियम के तहत दंडात्मक प्रावधान
निर्देशों में जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 का उल्लेख किया गया है। इसके तहत यदि कोई जनगणना अधिकारी या जनगणना कार्य में अधिकृत व्यक्ति अपना कार्य करने से मना करता है, बाधा उत्पन्न करता है या जनगणना कार्य में रुकावट की स्थिति पैदा करता है, तो उस पर एक हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
साथ ही, दोष सिद्ध होने पर ऐसे व्यक्ति को तीन वर्ष तक की सजा से दंडित भी किया जा सकेगा। ये प्रावधान जनगणना कार्य को बिना बाधा और समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं।
31 दिसम्बर को प्रशासनिक सीमा फ्रीज की प्रक्रिया
अगले साल होने वाली जनगणना के लिए प्रदेश की प्रशासनिक सीमाओं को 31 दिसम्बर को फ्रीज किया जाएगा। यह प्रक्रिया आगामी बुधवार को पूरी की जानी है। इसके तहत 31 दिसम्बर की स्थिति के अनुसार प्रदेश के जिलों, थानों, जनपदों, तहसीलों, राजस्व अनुविभागों और अन्य प्रशासनिक क्षेत्रों की सीमाओं का विवरण तैयार किया जाएगा।
राज्य शासन इस स्थिति की जानकारी लिखित रूप से जनगणना निदेशालय भोपाल और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगा। इसमें स्पष्ट किया जाएगा कि 31 दिसम्बर को प्रदेश में विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों की सीमाएं कहां और किस रूप में निर्धारित हैं।
जनगणना पूर्ण होने तक सीमाओं में बदलाव पर रोक
प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज किए जाने के बाद जब तक जनगणना का पूरा कार्य संपन्न नहीं हो जाता, तब तक प्रदेश सरकार इन सीमाओं में कोई बदलाव नहीं कर सकेगी। इसका उद्देश्य जनगणना के दौरान आंकड़ों में भ्रम या असमानता से बचना और पूरे प्रदेश में एक समान प्रशासनिक ढांचे के आधार पर जनगणना कराना है।
इन सभी प्रावधानों के माध्यम से राज्य सरकार ने आगामी जनगणना के लिए प्रशासनिक तैयारी, अधिकारियों की जवाबदेही और कानूनी व्यवस्था को स्पष्ट कर दिया है।
Adarsh Chaurasiya