हड़ताल से कचरा उठाव ठप, पुलिस सुरक्षा में रातभर सफाई
नगर निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन राजधानी की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। घर-घर से कचरा उठाव बंद रहने के कारण शहर के विभिन्न इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए।
कचरा जमा और सफाई अभियान
दो दिनों में शहर में करीब 2,400 टन कचरा जमा हुआ। मानसून के बीच बढ़ती गंदगी से संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। नगर निगम ने देर शाम पुलिस सुरक्षा के बीच प्रमुख सड़कों से कचरा हटाने का अभियान शुरू कराया। निगम का दावा है कि शनिवार से डोर-टू-डोर कचरा उठाव शुरू कर दिया जाएगा।
पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था
स्थिति को देखते हुए नगर आयुक्त ने गृह विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस से 200 जवानों की मांग की थी। पुलिस बल मिलने के बाद रात में मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई कराई गई। हड़ताल के दौरान कचरा उठाने वाली कई गाड़ियों के टायर पंचर करने और शीशे तोड़ने की घटनाएं सामने आईं। काम पर लौटने वाले कर्मचारियों को डराने-धमकाने के आरोप भी लगे हैं। एहतियातन मौर्यलोक स्थित नगर निगम मुख्यालय में निषेधाज्ञा लागू करने की अनुशंसा सदर एसडीओ को भेजी गई है।
हड़ताल की मांगें और प्रदर्शन
दैनिक कर्मचारियों का स्थायीकरण, आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करने, कर्मचारियों का नगर निकायों में समायोजन तथा एसीपी-एमएसीपी पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर कर्मचारी गुरुवार से राज्यव्यापी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण न्यू मार्केट, एजी कॉलोनी, किदवईपुरी, इंद्रपुरी, मीठापुर, राजीव नगर समेत कई इलाकों में कचरे का अंबार लगा रहा। सामान्य दिनों में शहर से प्रतिदिन लगभग 1,200 टन कचरा उठाया जाता है।
हड़ताली कर्मचारियों ने विभिन्न अंचल कार्यालयों और नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कर्मचारी नेताओं ने अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए कार्रवाई नहीं होने पर प्राथमिकी और न्यायालय जाने की चेतावनी दी। नगर निगम की टोल फ्री हेल्पलाइन तकनीकी कारणों से बाधित रहने के बाद शुक्रवार को बहाल हुई, लेकिन हड़ताल के कारण कचरा नहीं उठने की शिकायत दर्ज नहीं की गई।
Vivek Singh