इंदौर का अष्टलक्ष्मी मंदिर है खास

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इंदौर  का अष्टलक्ष्मी  मंदिर  है खास

इंदौर का अष्टलक्ष्मी मंदिर

इंदौर में स्थित अष्टलक्ष्मी मंदिर दिवाली के समय भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता है। यह मंदिर प्राचीन हरसिद्धि माता मंदिर के पास स्थित है और इसके गर्भगृह में मां महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती के साथ अष्टलक्ष्मी विराजमान हैं।

अष्टलक्ष्मी का महत्व

मंदिर के गर्भगृह में आदिलक्ष्मी, धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, संतानलक्ष्मी, वीर-धैर्यलक्ष्मी, विजयलक्ष्मी और विद्यालक्ष्मी विराजमान हैं। इनकी पूजा से न केवल भौतिक संपदा प्राप्त होती है बल्कि शक्ति, ज्ञान और साहस भी मिलता है। यह मंदिर मध्यप्रदेश का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां त्रिगुणात्मिका देवी के साथ अष्टलक्ष्मी विराजमान हैं।

मंदिर की स्थापना

इस मंदिर की स्थापना 2002 में हुई थी और मूर्तियां जयपुर से लाई गई थीं। दक्षिण भारत के कई शहरों में ऐसे मंदिर देखने को मिलते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में यह मंदिर अनूठा है।

दीपोत्सव के समय यहां स्वर्ण शृंगार और खास आभूषणों से सुसज्जित महालक्ष्मी के दर्शन भक्तों के लिए विशेष अनुभव प्रदान करते हैं।

समग्र कल्याण का केंद्र

अष्टलक्ष्मी के पूजन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उनका समग्र कल्याण होता है। इस मंदिर को विष्णु लोक भी कहा जाता है।

Bhavanesh Soni