इंदौर की रंगपंचमी गेर में मिसाइलों से बरसेगा रंग, टेसू के फूलों से बनेगा भव्य तिरंगा
इंदौर में रंगपंचमी का पारंपरिक उत्सव 'गेर' इस वर्ष भी भव्यता के साथ मनाया जाएगा। रविवार को निकलने वाली इस गेर में रंग और पानी बरसाने के लिए मिसाइलों का प्रयोग किया जाएगा, जो 200 फीट ऊपर तक रंग-गुलाल उड़ाएंगी। विशेष रूप से, 8 हजार किलो टेसू के फूलों से बने गुलाल से राजवाड़ा पर एक विशाल तिरंगा बनाया जाएगा। यह आयोजन लाखों लोगों को आकर्षित करता है, जिससे यह देश के सबसे बड़े रंगोत्सवों में से एक बन गया है।
इंदौर की गेर का ऐतिहासिक सफर: कड़ाव से मिसाइलों तक
इंदौर की रंगपंचमी गेर का इतिहास सात दशक से भी पुराना है। 1947 से पहले 'लाइव बंबा' (पुराने फायर ब्रिगेड) से लोगों पर पानी फेंका जाता था। 1950-60 के दशक में, टोरी कॉर्नर क्षेत्र के एक पहलवान कड़ाव में साबुन का पानी भरकर लोगों को भिगोते थे। बाद में बैलगाड़ी पर कड़ाव रखकर गेर निकाली जाने लगी। 1970 और 1980 के दशक में भीड़ बढ़ने पर छोटे लोडिंग वाहनों में रंग और पानी के ड्रम रखे गए। 1990 के दशक में टैंकर और म्यूजिक का चलन बढ़ा, और 2000 के दशक से रंग उड़ाने वाली मिसाइलों का उपयोग शुरू हो गया। गेर आयोजक शेखर गिरी और कमलेश खंडेलवाल ने बताया कि उनके पूर्वजों ने इस परंपरा की नींव रखी थी, जो समय के साथ विकसित होकर आज आधुनिक साधनों तक पहुंच गई है।
गेर और फागयात्रा के मुख्य आकर्षण
इस वर्ष की गेर और फागयात्रा में कई विशेष आकर्षण शामिल होंगे:
संगम कॉर्नर की सामाजिक समरसता गेर
अपनी 76वीं वर्षगांठ मना रही संगम कॉर्नर की गेर में बरसाना की लट्ठमार होली का प्रदर्शन और राधा-कृष्ण की रासलीला मुख्य आकर्षण होगी। इसमें 8 हजार किलो टेसू के फूलों से बना गुलाल उपयोग होगा, जिससे राजवाड़ा पर तिरंगा बनाया जाएगा। 'पृथ्वी मिसाइल' से सुगंधित गुलाल और 'अग्नि मिसाइल' से गुलाब की पंखुड़ियां उड़ाई जाएंगी। 25 समितियों के 500 कार्यकर्ता इस गेर का संचालन करेंगे।
बद्री नारायण मंदिर की फागयात्रा
नृसिंह बाजार स्थित बद्रीनारायण मंदिर से निकलने वाली यह प्रदेश की सबसे बड़ी धार्मिक-सांस्कृतिक फागयात्रा का 28वां वर्ष है। इसमें महाकाल मंदिर की प्रतिकृति, विशाल नंदी पर सवार महादेव की अद्भुत झांकी और हजारों मातृशक्तियों की भागीदारी होगी। यात्रा में टेसू के फूलों और अरारोट से बनी प्राकृतिक गुलाल का ही प्रयोग किया जाएगा।
रसिया कॉर्नर की गेर
अपनी 53वीं वर्षगांठ पर रसिया कॉर्नर की गेर में करीब 40 वाहन, पांच पानी के टैंकर और 50 फीट तक पानी फेंकने वाली मिसाइलें शामिल होंगी। इसमें ई-रिक्शा, ढोल-ताशे, बैंड और चार बड़ी डीजे गाड़ियां भी रहेंगी। सनातन परंपरा को दर्शाती आदियोगी की झांकी भी आकर्षण का केंद्र होगी।
मॉरल क्लब समिति और टोरी कॉर्नर की गेर
मॉरल क्लब समिति की गेर में 15 ब्लोअर मशीनें, 6 डीजे गाड़ियां, 51 ढोल और दो बड़े पानी के टैंकरों से चलने वाली छह मिसाइलें शामिल होंगी, जो 40 फीट तक पानी उछालेंगी। लगभग 7 हजार किलो गुलाल उड़ाया जाएगा। टोरी कॉर्नर की गेर में भी तीन पानी के टैंकरों पर मिसाइलें, दो डीजे गाड़ियां और बैंड शामिल रहेंगे।
इस तरह, आस्था, परंपरा और उत्साह से भरा यह रंगोत्सव एक बार फिर पूरे इंदौर को रंगों में सराबोर कर देगा, जिसकी तैयारी में लाखों लीटर पानी और हजारों किलो गुलाल का उपयोग किया जाएगा।
Janmejay Chaturvedi