कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट 8 जनवरी को रायपुर दौरे पर, मनरेगा आंदोलन और संगठन की समीक्षा

· 1 min read
कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट 8 जनवरी को रायपुर दौरे पर, मनरेगा आंदोलन और संगठन की समीक्षा

सचिन पायलट 8 जनवरी को रायपुर दौरे पर, मनरेगा आंदोलन और संगठन की समीक्षा करेंगे

कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट 8 जनवरी को एक दिन के दौरे पर रायपुर आने वाले हैं। इस दौरान वे पार्टी की मौजूदा गतिविधियों और विशेष रूप से मनरेगा को लेकर चल रहे आंदोलन की समीक्षा करेंगे। यह दौरा कांग्रेस के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मनरेगा आंदोलन की समीक्षा और जिलाध्यक्षों से मुलाकात

पार्टी के अनुसार, सचिन पायलट प्रदेशभर में मनरेगा के मुद्दे पर चल रहे आंदोलन की प्रगति पर विस्तृत समीक्षा करेंगे। कांग्रेस ने पूरे छत्तीसगढ़ में मनरेगा को लेकर आंदोलन छेड़ रखा है, ऐसे में इस दौरे को रणनीतिक महत्व का माना जा रहा है। इसके साथ ही वे हाल ही में नियुक्त किए गए जिलाध्यक्षों से भी मुलाकात करेंगे।

इस मुलाकात में नवनियुक्त जिलाध्यक्षों की भूमिका, उनकी जिम्मेदारियों और पार्टी की आगामी रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए भी एक रूपरेखा तय की जा सकती है।

संगठनात्मक फोकस और भविष्य की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे के दौरान सचिन पायलट का फोकस संगठनात्मक गतिविधियों पर भी रहेगा। वे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को और प्रभावी बनाने तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करने के सिलसिले में जिम्मेदार पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करेंगे। पार्टी के भीतर इसे संगठन सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है।

पिछला दौरा: SIR अभियान और संविधान बचाओ दिवस की समीक्षा

इससे पहले सचिन पायलट 26 नवंबर को दो दिन के दौरे पर छत्तीसगढ़ आए थे। उस समय उन्होंने प्रदेशभर में चल रहे SIR अभियान की समीक्षा की थी और संविधान बचाओ दिवस से जुड़े प्रमुख कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। वे 26 नवंबर को रायपुर पहुंचे थे और वहां से सीधे धमतरी के लिए रवाना हुए थे।

धमतरी में उन्होंने संविधान बचाओ दिवस के कार्यक्रम में भाग लिया और इसके बाद SIR अभियान को लेकर समीक्षा बैठक की। धमतरी के कार्यक्रमों के बाद वे कांकेर पहुंचे, जहां पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक समीक्षा बैठक हुई। उसी दिन देर शाम वे जगदलपुर पहुंचे।

अगले दिन, 27 नवंबर को, सचिन पायलट ने जगदलपुर में SIR अभियान की विस्तृत समीक्षा की और मीडिया से भी बातचीत की। इसके बाद वे शाम को दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। उस दौरे को छत्तीसगढ़ में संगठन को मजबूत करने और पार्टी की तैयारियों का आकलन करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया था।

नए दौरे का महत्व

अब 8 जनवरी का रायपुर दौरा भी कांग्रेस की आगामी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। मनरेगा आंदोलन की समीक्षा, नवनियुक्त जिलाध्यक्षों के साथ चर्चा और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर होने वाली बैठकों को पार्टी के भविष्य के कार्यक्रमों और राजनीतिक तैयारी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Satyam Tripathi