केरल में यूडीएफ की वापसी, भाजपा ने तीन सीटों पर रचा इतिहास

· 1 min read

केरल में यूडीएफ की सत्ता वापसी, भाजपा ने तीन सीटों पर दर्ज की जीत

केरल में विधानसभा चुनाव के नतीजों में मतदाताओं ने वामपंथी सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन यूडीएफ ने माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ को हराकर 10 साल बाद राज्य की सत्ता में वापसी की है। इस चुनाव में भाजपा ने राज्य में तीन सीटों पर जीत हासिल कर इतिहास रचा है। तिरुअनंतपुरम जिले में नेमोम और कझाकूट्टम, तथा कोल्लम में चथनूर सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। 2021 में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली थी, जबकि 2016 में ओ. राजगोपाल नेमोम सीट से जीतकर केरल में भाजपा के पहले विधायक बने थे।

यूडीएफ की जीत और कांग्रेस की दक्षिण भारत में स्थिति

यूडीएफ की इस जीत के साथ कांग्रेस अब दक्षिण भारत के तीन राज्यों में सत्ता में आ गई है। कांग्रेस पहले से ही कर्नाटक और तेलंगाना में सत्ता में है, और अब केरल में भी गठबंधन सरकार का नेतृत्व करेगी। यह पहली बार होगा जब पांच दशकों में किसी भी राज्य में वामपंथी दलों की सरकार नहीं होगी।

चुनाव परिणाम और मंत्रियों की हार

चुनाव आयोग के अनुसार, केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ ने 102 सीटें जीतीं, जबकि एलडीएफ को 35 सीटें मिलीं। कई जिलों में एलडीएफ का सफाया हो गया। मंत्रिमंडल के 21 सदस्यों में से केवल मुख्यमंत्री पी. विजयन, पीए मोहम्मद रियास, के राजन, जीआर अनिल, केएन बालागोपाल, पी. प्रसाद और साजी चेरियन ही चुनाव जीत सके। मुख्यमंत्री पद के दावेदार रमेश चेन्निथला और विपक्ष के नेता वीडी सतीशान ने अपनी-अपनी सीटें जीत ली हैं। वामपंथी सरकार के खिलाफ लोगों की नाराजगी के चलते 13 मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा। इनमें वीणा जार्ज, एमबी राजेश, ओआर केलू, आर. बिंदू, जे चिंचुरानी, पी. राजीव, केबी गणेश कुमार, वीएन वासवन, वी. शिवनकुट्टी, वी. अब्दुरहीमन, कदन्नप्पल्ली रामचंद्रन, एके ससींद्रन और रोशी आगस्टीन शामिल हैं। एलडीएफ के संयोजक टीपी रामकृष्णन भी चुनाव हार गए।

भाजपा की जीत का विश्लेषण

चुनाव से ठीक पहले एलडीएफ छोड़कर यूडीएफ में शामिल हुए नेताओं जी. सुधाकरन, पीवी कुन्हीकृष्णन और टीके गोविंदन ने क्रमशः अंबलप्पुझा, पय्यानूर और तालिपारम्बा सीटों पर वामपंथी गढ़ों में सेंध लगा दी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने नेमोम में तीन हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने कझाकूट्टम से मामूली अंतर से जीत हासिल की। चथनूर से भाजपा उम्मीदवार बीबी गोपाकुमार ने 4,398 वोटों से जीत दर्ज की।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

माकपा के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने कहा कि एलडीएफ अपनी हार के कारणों की समीक्षा करेगा और उचित कदम उठाएगा। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने जनता को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि यूडीएफ की जीत मुख्यमंत्री विजयन के नेतृत्व वाली सरकार के अहंकार, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के खिलाफ स्पष्ट जनादेश है।

Janmejay Chaturvedi