कन्हैया कुमार ने उठाए बिहार सरकार और अडानी पर सवाल

· 1 min read
कन्हैया कुमार  ने उठाए  बिहार सरकार  और  अडानी  पर सवाल

कन्हैया कुमार ने '20 साल, 20 सवाल' अभियान के तहत सरकार पर साधा निशाना

पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने '20 साल, 20 सवाल' नामक अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत, बिहार कांग्रेस हर दिन राज्य और केंद्र सरकार से 20 सवाल पूछेगी, जो बिहार के विकास और जनता की समस्याओं से जुड़े होंगे। कन्हैया ने कहा कि यह पहल जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का एक प्रयास है।

बिहार को पैकेज देने के दावे पर सवाल

कन्हैया ने केंद्र सरकार के बिहार के लिए घोषित हजारों करोड़ के पैकेज को केवल प्रचार बताया। उन्होंने कहा कि यह पैकेज असल में यूपीए सरकार के समय घोषित परियोजनाओं का हिस्सा था, जिसे राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर पूरा करना था। लेकिन इन योजनाओं का लाभ आम जनता को नहीं मिला और इसे प्रधानमंत्री के करीबी उद्योगपतियों को सौंप दिया गया।

अडानी ग्रुप को लेकर गंभीर आरोप

कन्हैया ने अडानी ग्रुप को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों में जहां अडानी ग्रुप 3 रुपए प्रति यूनिट की दर पर बिजली का ठेका लेता है, वहीं बिहार में यह ठेका 6 रुपए प्रति यूनिट पर दिया गया। इससे बिहार को 56,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि 'तुम मुझे चंदा दो, मैं तुम्हें धंधा दूंगा' की नीति पर काम हो रहा है।

प्रधानमंत्री के युवा संवाद पर प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवा संवाद कार्यक्रम पर कन्हैया ने कटाक्ष करते हुए कहा कि युवाओं से बात करना अच्छी बात है, लेकिन उन्हें रोजगार देने की योजनाओं पर भी चर्चा करनी चाहिए। कन्हैया ने कहा कि प्रधानमंत्री को याद रखना चाहिए कि वह देश के नेता हैं, न कि विपक्ष के।

कन्हैया ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार 'हम दो, हमारे दो' की नीति पर काम कर रही है, जहां एक तरफ जय शाह के पिता और दूसरी तरफ उनके चाचा को बढ़ावा दिया जा रहा है।

कांग्रेस का अभियान

'20 साल, 20 सवाल' अभियान के तहत कांग्रेस हर दिन एक नया सवाल उठाएगी, जो बिहार की जनता और राज्य के विकास से संबंधित होगा। कन्हैया ने जनता से अपील की कि वे इस अभियान में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करें।

निष्कर्ष

कन्हैया कुमार ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने इस अभियान को बिहार के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।