महाराष्ट्र और गुजरात में चक्रवात 'शक्ति' का खतरा
अरब सागर में बने कम दबाव का क्षेत्र अब चक्रवाती तूफान 'शक्ति' में बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसे मानसून के बाद का पहला चक्रवात घोषित किया है। श्रीलंका द्वारा नामित 'शक्ति' का असर महाराष्ट्र, गुजरात और पाकिस्तान के तटीय इलाकों में देखने को मिल रहा है।
महाराष्ट्र में अलर्ट जारी
महाराष्ट्र में 3 से 7 अक्टूबर तक चक्रवात शक्ति के कारण मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। हवाओं की रफ्तार 45-55 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो 65 किमी या उससे अधिक भी हो सकती है। तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना के चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
गुजरात में स्थिति
गुजरात के कच्छ क्षेत्र और उसके आसपास भी चक्रवात शक्ति का प्रभाव महसूस किया जा रहा है। शुक्रवार की रात तक तूफान का केंद्र द्वारका से 300 किलोमीटर पश्चिम, कराची से 330 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम और पोरबंदर से 360 किलोमीटर पश्चिम में था। शनिवार सुबह यह एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया, जिससे समुद्र में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं।
अन्य राज्यों में मौसम
चक्रवात शक्ति के अलावा बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के क्षेत्र से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। आंध्र प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि ओडिशा के गजपति जिले में लैंडस्लाइड के कारण दो लोगों की जान गई है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
IMD ने बताया है कि चक्रवात शक्ति 6 अक्टूबर की सुबह पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा में मुड़ जाएगा, जिससे इसका असर कमजोर हो जाएगा। हालांकि, 7 अक्टूबर तक महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में भारी बारिश और समुद्री उथल-पुथल की संभावना बनी रहेगी।
सरकार की तैयारियां
महाराष्ट्र सरकार ने संबंधित अधिकारियों को नागरिक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन को डिजास्टर मैनेजमेंट सिस्टम सक्रिय करने, तटीय क्षेत्रों से नागरिकों को निकालने और एडवाइजरी जारी करने को कहा गया है।
निष्कर्ष
मौसम विभाग और राज्य सरकारें चक्रवात शक्ति के संभावित प्रभावों से निपटने के लिए सतर्क हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें और सावधानी बरतें।