मध्य प्रदेश के दो सांसदों को दक्षिण भारत में हार का सामना
पांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बीच, मध्य प्रदेश कोटे से राज्यसभा के दो सांसदों को दक्षिण भारत के चुनावी रण में हार का सामना करना पड़ा है। केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन को तमिलनाडु में और जॉर्ज कुरियन को केरल विधानसभा चुनाव में हार मिली है।
जॉर्ज कुरियन (केरल): कांजीरापल्ली में तीसरे नंबर पर
मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन को भाजपा ने केरल की कांजीरापल्ली सीट से उम्मीदवार बनाया था। ईसाई बहुल इस क्षेत्र में कुरियन मुख्य मुकाबले से बाहर हो गए और तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें लगभग 26,984 वोट मिले। केरल में एलडीएफ और यूडीएफ के बीच हुए सीधे मुकाबले में भाजपा के जॉर्ज कुरियन अपनी सीट बचा नहीं सके।
एल. मुरुगन (तमिलनाडु): अविनाशी सीट पर दूसरे नंबर पर
मध्य प्रदेश से सांसद और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने तमिलनाडु की अविनाशी (SC) सीट से चुनाव लड़ा। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष होने के नाते यह चुनाव उनकी साख का सवाल था। मुरुगन दूसरे स्थान पर रहे, उन्हें 56,200 से अधिक वोट मिले, लेकिन विपक्षी उम्मीदवार ने उन्हें बड़े अंतर से हरा दिया। तमिलनाडु में क्षेत्रीय दल और डीएमके गठबंधन की लहर के आगे मुरुगन का 'दिल्ली कार्ड' काम नहीं आया। इस सीट पर अभिनेता विजय की पार्टी के उम्मीदवार ने भी समीकरण बिगाड़ दिए, जिससे भाजपा और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के उम्मीदवार तीसरे नंबर पर धकेल दिए गए।
एल. मुरुगन: एक परिचय
एल. मुरुगन तमिलनाडु के दलित चेहरे हैं और वर्तमान में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण व संसदीय कार्य राज्य मंत्री हैं। वे मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से भी जुड़े रहे। राजनीति में आने से पहले वे मद्रास हाई कोर्ट में वकील थे।
जॉर्ज कुरियन: एक परिचय
जॉर्ज कुरियन वर्तमान में केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण और मत्स्य पालन राज्य मंत्री हैं और मध्य प्रदेश से राज्यसभा के सांसद हैं। वे केरल में भाजपा के पुराने नेताओं में से एक हैं और 1980 के दशक से पार्टी से जुड़े हुए हैं। कुरियन को केरल में ईसाइयों और भाजपा के बीच एक सेतु माना जाता है। वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में मंत्री बनाए जाने के बाद, भाजपा ने उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा था।
Bhavanesh Soni