मध्य प्रदेश में आज से 4 दिन आंधी-बारिश: ग्वालियर-चंबल में ओले गिरने का अलर्ट

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मध्य प्रदेश में आज से 4 दिन आंधी-बारिश: ग्वालियर-चंबल में ओले गिरने का अलर्ट

मध्य प्रदेश में आज से 4 दिन आंधी-बारिश का दौर: ग्वालियर-चंबल में ओले गिरने का अलर्ट

मध्य प्रदेश में रविवार से अगले चार दिनों तक आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) और टर्फ के सक्रिय होने से ऐसा होगा। इस दौरान 30 और 31 मार्च को सिस्टम की सबसे तीव्र गतिविधि देखने को मिलेगी, खासकर ग्वालियर और चंबल संभाग में ओले भी गिर सकते हैं।

मौसम प्रणाली और तत्काल प्रभाव

शनिवार को ये दोनों मौसम प्रणाली राज्य के पूर्वी हिस्से में सक्रिय थीं, जो रविवार को आगे बढ़कर बारिश का दौर शुरू करेंगी। अगले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने का भी अनुमान है। 30 मार्च से सिस्टम का असर और भी बढ़ जाएगा, जिससे ग्वालियर, भिंड और दतिया में ओले गिरने की संभावना है। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम रहेगा। 31 मार्च के लिए भी समान अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 1 अप्रैल से सिस्टम कमजोर होने लगेगा। फिर भी, प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में बारिश होने का अनुमान है।

तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत

आंधी और बारिश के इस दौर के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। वर्तमान में अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक है, जिसमें नर्मदापुरम सबसे गर्म है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट का अनुमान जताया है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। शनिवार को प्रदेश के कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी, नर्मदापुरम में 38.5 डिग्री, खंडवा में 38.5 डिग्री, रतलाम में 38.2 डिग्री और भोपाल में 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

मार्च में चौथी बार मौसम का बदला मिजाज

मार्च महीने में यह चौथी बार है जब मौसम का मिजाज बदला है। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी रही, जबकि दूसरे पखवाड़े में लगातार चार दिनों तक 45 से अधिक जिलों में आंधी-बारिश हुई और 17 जिलों में ओले भी गिरे, जिससे गेहूं, पपीता और केले जैसी फसलों को भारी नुकसान हुआ। 26-27 मार्च को तीसरा दौर था, जिसमें सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई थी। अब यह चौथा दौर 29 मार्च से शुरू होगा। फरवरी में भी मौसम का मिजाज चार बार बदला था, जिसमें ओले और बारिश से फसलों को खासा नुकसान हुआ था और सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था।

अप्रैल-मई में तीव्र गर्मी का अनुमान

मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीनों के दौरान ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का अनुभव होगा।

एमपी के बड़े शहरों में मार्च के मौसम का ऐतिहासिक ट्रेंड

पिछले 10 साल के आंकड़ों के अनुसार, मार्च महीने में मध्य प्रदेश में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं, साथ ही बारिश का ट्रेंड भी देखा गया है। भोपाल में मार्च में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश का ट्रेंड रहा है, जिसमें 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इंदौर में भी मार्च से गर्मी का असर तेज हो जाता है, जहां 28 मार्च 1892 को पारा 41.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। ग्वालियर में मार्च महीने में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है, जबकि जबलपुर में मार्च की रातें ठंडी रहती हैं और दिन का तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। उज्जैन में दिन गर्म रहते हैं, जहां 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।

Adarsh Chaurasiya