मध्य प्रदेश में गहराया रसोई गैस संकट: होटल, रेस्टोरेंट में मेन्यू बदले, आमजन परेशान
मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले छह दिनों से 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट को कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हुई है, जिससे भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों के कई प्रतिष्ठानों में गैस खत्म हो गई है। नतीजतन, कई होटलों को अपना मेन्यू बदलना पड़ा है, और कई रेहड़ियां भी बंद हो गई हैं।
घरेलू गैस सिलेंडर के लिए मारामारी, घंटों कतार में लोग
कॉमर्शियल गैस के साथ-साथ, पूरे प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी मारामारी मची हुई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर सहित अन्य शहरों में बुकिंग के बावजूद उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। छोटे बच्चे हों या बुजुर्ग, सभी को घंटों धूप में खड़े होकर सिलेंडर का इंतजार करना पड़ रहा है। भोपाल में शनिवार को 8 घंटे कतार में लगने के बाद लोगों को सिलेंडर मिल पाए। उपभोक्ताओं को अब इंडक्शन चूल्हे खरीदने या लकड़ी और कोयले का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
प्रशासन का अलर्ट और आश्वासन
उज्जैन जिले में रसोई गैस की आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। महाकाल गैस एजेंसी को रविवार की छुट्टी होने के बावजूद विशेष आदेश पर खोला गया, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी न हो। एजेंसी संचालक भगवान दास एरन ने बताया कि घरेलू गैस की सप्लाई जारी है, लेकिन कॉमर्शियल गैस को लेकर फिलहाल कोई नए आदेश नहीं मिले हैं।
वहीं, ग्वालियर जिले में कलेक्टर रुचिका चौहान ने स्पष्ट किया है कि वहां गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कोई कमी नहीं है। खाद्य विभाग की टीमें गैस एजेंसियों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
समस्या होने पर करें कंट्रोल रूम से संपर्क
भोपाल जिला प्रशासन ने बुकिंग और आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए कंट्रोल रूम का गठन किया है। नागरिक 7247560709 और 7000878489 नंबरों पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और समस्या होने पर सीधे कंट्रोल रूम को सूचित करें।
एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने पुष्टि की है कि भोपाल में पिछले छह दिनों से किसी भी होटल या रेस्टोरेंट को एक भी कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिला है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। इस संकट के चलते शादियों और अन्य आयोजनों में डीजल भट्ठियों, लकड़ी और कोयले का इस्तेमाल बढ़ गया है, जिससे इंडक्शन और कोयले की मांग में 20% तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
Amit Pateria