मध्यप्रदेश में ठंड ने लिया यू-टर्न
मध्यप्रदेश में ठंड ने फिर से जोर पकड़ लिया है। गुरुवार और शुक्रवार की रात को जबलपुर, ग्वालियर समेत प्रदेश के 12 शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में सुबह के समय कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी 1 से 1.5 किलोमीटर तक सीमित रही। एक्सपर्ट्स ने सुबह और रात में गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह दी है।
ठंड की वजह और तापमान का हाल
मौसम विभाग के अनुसार, पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान में साइक्लोनिक सकुर्लेशन सक्रिय हैं। इसके साथ ही उत्तर से आने वाली हवाओं ने ठंड को और अधिक बढ़ा दिया है। शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में भी तापमान में 4-5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
शीतलहर और ठंड का प्रभाव
प्रदेश में 6 नवंबर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया था और 22 नवंबर तक तेज ठंड का असर देखा गया। हालांकि, अब फिर से ठंड और शीतलहर का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंड के जारी रहने का अनुमान जताया है।
ठंड से मौतें और सतर्कता
प्रदेश में बढ़ती ठंड के कारण अब तक दो मौतों की खबरें सामने आई हैं। रीवा और रायसेन में ठंड के कारण लोगों की मौत हुई, हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। एक्सपर्ट्स ने स्वास्थ्य और फसलों को लेकर भी एडवाइजरी जारी की है।
आगामी दिनों में ठंड और शीतलहर के और अधिक बढ़ने की संभावना है। आमजन को सतर्क रहने और सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।
Adarsh Chaurasiya