MP के 7 जिलों में आज से आंधी-बारिश का अलर्ट: मार्च में तीसरी बार बदलेगा मौसम

· 1 min read
MP के 7 जिलों में आज से आंधी-बारिश का अलर्ट: मार्च में तीसरी बार बदलेगा मौसम

मध्य प्रदेश में आज से आंधी-बारिश का अनुमान, मौसम में बड़ा बदलाव

पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण तंत्र के कारण मध्य प्रदेश में शुक्रवार से मौसम का मिजाज बदल जाएगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के भीतर ग्वालियर सहित 7 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। यह मार्च महीने में तीसरी बार है जब पानी गिरने का अनुमान है। इससे पहले गुरुवार को प्रदेश में दिन का पारा 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिसमें नर्मदापुरम सीजन का सबसे गर्म दिन रहा।

आगामी 3 दिन तक ऐसा ही रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक यानी 30 मार्च तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। प्रदेश के ऊपरी हिस्से में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि पश्चिमी हिस्से में दो चक्रवात सक्रिय हैं, जिनकी वजह से प्रदेश में मौसम में यह बदलाव देखा जा रहा है। शुक्रवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बारिश होने के आसार हैं। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी भी चल सकती है।

30 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 28 जिलों में पानी गिर सकता है। 28 मार्च को कुछ जिलों में बूंदाबांदी का अनुमान है, जबकि 30 मार्च को सिस्टम का सबसे ज्यादा असर रहेगा।

तापमान और पूर्व की स्थिति

नए सिस्टम के सक्रिय होने से पहले पूरे प्रदेश में गर्मी का असर देखा गया था। मार्च में पहली बार पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। नर्मदापुरम 41.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा। इसके अलावा, रतलाम में 39.6 डिग्री, गुना में 38.6 डिग्री, धार, रायसेन-मंडला में 38.4 डिग्री और खरगोन में 38.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में उज्जैन 37.7 डिग्री, भोपाल 37.4 डिग्री, इंदौर 37.2 डिग्री, ग्वालियर 38.6 डिग्री और जबलपुर 37.5 डिग्री दर्ज किया गया।

मार्च और फरवरी में मौसम का मिजाज

मार्च में अब तक आंधी-बारिश के दो दौर आ चुके हैं। एक दौर लगातार चार दिन तक चला, जिससे 45 से अधिक जिलों में आंधी-बारिश हुई और 17 जिलों में ओले भी गिरे, जिससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुईं। अब तीसरा दौर 27 मार्च से 30 मार्च तक चलने की संभावना है। फरवरी में भी मौसम का मिजाज चार बार बदला था, जिसमें ओले और बारिश के कारण फसलों को काफी नुकसान हुआ था।

अप्रैल-मई में प्रचंड गर्मी का अनुमान

मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीनों के भीतर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी अत्यधिक गर्मी रहेगी। 28 मार्च की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जो अप्रैल की शुरुआत में भी आंधी-बारिश ला सकता है।

मार्च में मौसम का ऐतिहासिक ट्रेंड

पिछले 10 सालों के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं, साथ ही बारिश का ट्रेंड भी है। भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश का ट्रेंड है और यहां 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान 41 डिग्री पहुंच चुका है। इंदौर में भी पारा 28 मार्च 1892 को 41.1 डिग्री तक पहुंच गया था। ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है, जहां 31 मार्च 2022 को दिन का पारा 41.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। जबलपुर में मार्च की रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन में तापमान 36 से 40 डिग्री के बीच रहता है। उज्जैन में दिन गर्म रहते हैं और यहां 22 मार्च 2010 को पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।

Ravi Yadav