मध्य प्रदेश में रामनवमी का भव्य उत्सव: भोपाल में 2500 भंडारे, इंदौर में अखंड रामायण

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मध्य प्रदेश  में  रामनवमी  का भव्य उत्सव:  भोपाल  में 2500 भंडारे,  इंदौर  में अखंड रामायण

मध्य प्रदेश में रामनवमी का भव्य उत्सव: भोपाल में 2500 भंडारे, इंदौर में अखंड रामायण

रामनवमी के अवसर पर मध्य प्रदेश में जगह-जगह भव्य आयोजनों की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राजधानी भोपाल से लेकर इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर तक, पूरा प्रदेश आस्था और उल्लास में डूबा हुआ है।

भोपाल में व्यापक तैयारियां, 2500 से अधिक भंडारे

राजधानी भोपाल में रामनवमी को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के अनुसार, इस बार शहरभर में राम जन्मोत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाएगा। शहर में लगभग 2500 से 3000 स्थानों पर भंडारे आयोजित किए जाएंगे, जहां श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरित किया जाएगा। राम जन्म का मुख्य आयोजन दोपहर 12 बजे होगा, जिसके बाद मंदिरों में भगवान को भोग लगाकर आरती की जाएगी। घोड़ा निकास से भवानी चौक सोमवारा क्षेत्र तक भव्य जुलूस भी निकाला जाएगा, जिसमें झांकियां और भजन-कीर्तन आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर में 'साकेतधाम'

इंदौर के प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में रामनवमी का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। मंदिर को 'साकेतधाम' के स्वरूप में सजाया गया है, जहां प्रभु राम के दर्शन होंगे। सुबह 6 बजे सात दिवसीय अखंड रामायणजी की स्थापना की जाएगी, और सुबह 8 बजे रामजी का पंचामृत से अभिषेक होगा। दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव आरती के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा और शाम को भजन संध्या का आयोजन होगा। भक्तों की सुविधा के लिए 24 कूलर भी लगाए गए हैं।

उज्जैन में यज्ञ और ऐतिहासिक ध्वज चल समारोह

उज्जैन में शिप्रा नदी के पास स्थित राम मंदिर में यज्ञ अनुष्ठान के साथ दोपहर 12 बजे महाआरती की जाएगी। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी ऐतिहासिक वीरभद्र ध्वज चल समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा, जो महाकाल इंटरनेशनल चौराहे से शुरू होकर रात्रि 9:30 बजे गोपाल मंदिर पहुंचेगा।

जबलपुर में 'आविर्भाव समारोह' और ग्वालियर में विशेष पूजा

जबलपुर में रामनवमी के अवसर पर मां नर्मदा तट गौरीघाट पर 'आविर्भाव समारोह' का आयोजन किया जाएगा। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम रामकथा और लोकभक्ति की प्रस्तुति देगा, जिसमें बुंदेली लोकगायन और भरतनाट्यम शैली में 'लव-कुश की रामायण' पर आधारित नृत्य-नाटिका शामिल होगी। वहीं, ग्वालियर में शीतला माता मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में सुबह से पूजा-अर्चना और विशाल भंडारों का आयोजन होगा।

एक दिन पहले महाअष्टमी पर भी प्रदेश भर में आस्था और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। उज्जैन में परंपरागत नगर पूजा हुई, जबकि नलखेड़ा, मैहर और बागेश्वर धाम समेत प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कन्या पूजन, हवन और भंडारे जैसे धार्मिक आयोजन पूरे दिन चलते रहे, जिसने रामनवमी के उत्सव का मार्ग प्रशस्त किया।

Navjeet Kaur