NEET सिस्टम फूलप्रूफ सरकार की दलील, सुप्रीम कोर्ट ने कहा UPSC जैसा मजबूत सिस्टम बनाएं

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NEET सिस्टम फूलप्रूफ सरकार की दलील, सुप्रीम कोर्ट ने कहा UPSC जैसा मजबूत सिस्टम बनाएं

NEET मामले में सुप्रीम कोर्ट और सरकार की दलीलें

सरकार का बयान

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि NEET परीक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें सेंध लगाना मुश्किल है। पेपर तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने तक पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा जाता है।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने NTA से UPSC जैसा मजबूत परीक्षा सिस्टम बनाने को कहा। कोर्ट ने कहा कि नई टेक्नोलॉजी समझने वाले अधिकारियों को शामिल करना चाहिए और अनुभवी अधिकारियों के बार-बार ट्रांसफर से बचना चाहिए।

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट, FAIMA और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई की। इन याचिकाओं में NTA को भंग करने और पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत निगरानी सिस्टम की मांग की गई है।

सुरक्षा प्रक्रिया की 10 दलीलें

केंद्र ने NEET पेपर की सुरक्षा के कई स्तर बताते हुए 10 दलीलें दीं।

पेपर तैयारी और चयन

प्रश्न बैंक कई मॉडरेटर बनाते हैं। 100-100 सवाल चुनकर चार अलग पेपर तैयार होते हैं। इनमें से दो पेपर NTA महानिदेशक चुनते हैं। 500 सवालों का प्रश्न बैंक 13 भाषाओं में तैयार होता है।

प्रिंटिंग और ट्रांसपोर्ट

पेपर सीलबंद कवर में दो तय प्रिंटिंग प्रेस में भेजे जाते हैं। वहां CCTV और CISF की निगरानी रहती है। पेपर ले जाने वाले व्यक्ति के पास डिजिटल चाबी होती है, लेकिन बॉक्स खोलने का कोड उसके पास नहीं होता। पेपर लोहे के बक्से में रखे जाते हैं। बैंक से परीक्षा केंद्र तक जाने वाली गाड़ी में GPS लगा होता है।

परीक्षा केंद्र पर

हर कक्षा के 24 छात्रों के लिए अलग पैकेट होता है। परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले दो छात्रों की मौजूदगी में बॉक्स खोला जाता है और वीडियोग्राफी होती है।

समिति और री-टेस्ट

केंद्र सरकार ने 22 जून 2024 को पूर्व ISRO प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति बनाई थी। समिति ने NTA परीक्षा में सुधार, पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों पर 101 सिफारिशें कीं।

NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर हुई थी। NTA को 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और 21 जून को दोबारा परीक्षा हुई। मामले की जांच CBI कर रही है। अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

कोर्ट की सलाह

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अस्थायी व्यवस्थाओं से दिक्कतें पैदा हुई हैं। अब परीक्षा की पक्की और व्यवस्थित प्रक्रिया बनाई जाए। कोर्ट ने पेपर लीक रोकने के कदमों पर बारीकी से नजर रखने की बात भी कही।

Bhavanesh Soni