राहुल गांधी की छात्रों की गूंज क्लास: शिक्षा बजट, खाली पद और सिस्टम पर सवाल

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राहुल गांधी की छात्रों की गूंज क्लास: शिक्षा बजट, खाली पद और सिस्टम पर सवाल

इंदौर में राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम: एक घंटे की क्लास में चार चैप्टर्स

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इंदौर में 'छात्रों की गूंज' अभियान का पांचवां कार्यक्रम संबोधित किया। शाम करीब 7 बजे शुरू हुई यह 'क्लास' पूरे एक घंटे चली, जिसमें हाथ में माइक, पीछे बड़ी स्क्रीन पर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन, बीच-बीच में वीडियो क्लिप्स और सामने हजारों छात्र मौजूद थे। राहुल गांधी ने कोई भाषणबाजी न करते हुए छात्रों से संवाद किया और अपनी बात को चार मुख्य चैप्टर्स में बांटकर रखा।

पहले चैप्टर 'छात्र दबाव में हैं' में राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की शिक्षा और माहौल देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन आज छात्र दबाव में हैं और शिक्षा हर बच्चे की पहुंच में नहीं है। इसके बाद मध्य प्रदेश के छात्रों ने समस्याएं रखीं। राजगढ़ की सपना गुर्जर ने बताया कि ओबीसी आरक्षण के कारण 13% पद रोके जाने से परीक्षा पास करने के बाद भी करीब 10 हजार युवाओं को नियुक्ति नहीं मिली। यशिका दानी ने मध्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की समस्याएं उठाते हुए कहा कि परीक्षाएं समय पर नहीं हो रहीं और रिजल्ट भी देर से जारी हो रहे हैं।

दूसरे चैप्टर में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार सवाल पूछने वाले छात्रों को पसंद नहीं करती। उन्होंने 'अंधभक्त' शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि सवाल न पूछने वाले लोग सरकार के लिए अधिक स्वीकार्य होते हैं, इसके समर्थन में वीडियो क्लिप्स भी दिखाईं। इसी दौरान दिल्ली में एक छात्र की मौत से जुड़े हादसे की वीडियो क्लिप दिखाई गई और मृत छात्र के पिता व बहन को मंच पर बुलाया गया। पिता ने कहा कि उनके बेटे की मौत महज हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का नतीजा थी। उज्जैन की राधा मालवीय ने कहा कि शहरों में रहकर पढ़ाई करना महंगा होता जा रहा है, मकान का किराया हर साल 10% बढ़ता है जबकि आवास भत्ता 2 हजार रुपए महीना है।

तीसरे चैप्टर में राहुल गांधी ने देश के सिस्टम को प्रभावित करने वाले छह लोगों का जिक्र किया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, NSA अजीत डोभाल, RSS प्रमुख मोहन भागवत, उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी। चौथे चैप्टर में PPT के जरिए शिक्षा बजट के आंकड़े पेश किए। राहुल गांधी के मुताबिक, 2014 में कुल बजट का 4.6% शिक्षा पर खर्च होता था, जो अब घटकर 2.6% रह गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्ष में 1.5 करोड़ बच्चों की स्कॉलरशिप बंद हुई है, देश में शिक्षकों के करीब 10 लाख पद खाली हैं, और पिछले 11 वर्ष में शिक्षा पर खर्च किए जाने वाले 7.7 लाख करोड़ रुपए का फायदा अरबपतियों को मिला। इस दौरान खरगोन की एक आदिवासी छात्रा ने सवाल किया कि अगर सरकार प्रभावशाली लोगों को रियायती दर पर जमीन दे सकती है तो गरीबों को सस्ती शिक्षा क्यों नहीं मिल सकती। एक अन्य युवती ने कहा कि उसने 2023 में शिक्षक भर्ती परीक्षा पास की, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं मिली।

पिछले कार्यक्रम और आगे की रणनीति

इंदौर 'छात्रों की गूंज' अभियान का पांचवां कार्यक्रम था। इससे पहले कोटा में पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा के दबाव, देहरादून में पेपर लीक, प्रयागराज में शिक्षा और बेरोजगारी, पुणे में छात्राओं की बराबरी, सुरक्षा और पितृसत्ता पर बात हुई थी। भाजपा ने इंदौर कार्यक्रम को 'प्रायोजित' बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें कांग्रेस संगठन से जुड़े लोग शामिल थे। वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि अभियान इंदौर तक सीमित नहीं रहेगा, पार्टी कार्यकर्ता सभी जिलों में जाकर छात्रों, युवाओं और अभिभावकों के बीच शिक्षा से जुड़े सवाल सुनेंगे और उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाएंगे।

Navjeet Kaur