DUSU चुनाव परिणाम: ABVP को तीन पद, निर्दलीय को उपाध्यक्ष
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) के चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने तीन पदों पर जीत दर्ज की। ABVP के यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्यराज सिंह संयुक्त सचिव निर्वाचित हुए। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की। उन्हें 30 हजार से अधिक वोट मिले। पिछले 17 वर्षों में यह पहला अवसर है जब DUSU के केंद्रीय पैनल में कोई निर्दलीय उम्मीदवार जीता हो। इससे पहले 2009 में निर्दलीय मनोज चौधरी और 1991 में निर्दलीय राजीव गोस्वामी DUSU अध्यक्ष बने थे। कांग्रेस समर्थित NSUI को एक भी पद प्राप्त नहीं हुआ।
मतदान और मतगणना विवरण
DUSU चुनाव के लिए शुक्रवार को 52 कॉलेजों में मतदान हुआ। कुल 1,51,519 छात्रों में से 61,312 ने मतदान किया, जिससे मतदान प्रतिशत 40.46% रहा। मतगणना में कुल 20 राउंड होने का अनुमान था, हालांकि मतदान पिछली बार से अधिक होने के कारण राउंड की संख्या 21 से 22 तक भी जा सकती थी। 18वें राउंड की गिनती के बाद अध्यक्ष पद पर यश डबास को 21,109 और NSUI के विजय शंकर मीणा को 20,554 वोट मिले। सचिव पद पर रिया छावड़ी को 18,366 और NSUI की नम्रता चौधरी को 13,451 वोट मिले। संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह को 14,182, NSUI के गोपाल चौधरी को 13,829 और समाजवादी छात्र सभा समर्थित निर्दलीय विशेष यादव को 14,045 वोट मिले। उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन को 27,501, ABVP के ईशु मौर्य को 14,506 और NSUI के वीर छत्रथ को 3,827 वोट मिले। अंतिम परिणाम में अध्यक्ष पद पर यश डबास को 24,576 और विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले, जिससे जीत का अंतर 2,053 वोट रहा।
निर्दलीय उम्मीदवार और आरोप-प्रत्यारोप
उपाध्यक्ष पद पर विजयी दीपांशु शौकीन दिल्ली के पीरागढ़ी के निवासी हैं। उनके पिता बस कंडक्टर और मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने भगत सिंह कॉलेज से स्नातक किया है। उनके पिता चाहते थे कि वे UPSC की तैयारी करें, लेकिन शौकीन छात्र राजनीति में आना चाहते थे। जीत के बाद शौकीन ने कहा कि वे छात्रों की आवाज बनेंगे और उन सभी मुद्दों पर काम करेंगे जिन्हें हल करने का वादा किया था। NSUI के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार विजय शंकर मीणा ने परिणामों को फर्जी बताते हुए कहा कि वे इसके खिलाफ दरवाजा खटखटाएंगे और मामले को अदालत ले जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज, रामजस कॉलेज और शिवाजी कॉलेज में फर्जी मतदान हुआ, छात्रों से जबरदस्ती वोट डलवाए गए और उनके ID कार्ड जब्त कर लिए गए। NSUI ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। परिणामों के विरोध में समाजवादी छात्र सभा के छात्रों ने प्रदर्शन भी किया।
दिल्ली विश्वविद्यालय में दो कैंपस हैं - नॉर्थ और साउथ कैंपस, जिनके बीच लगभग 15 किलोमीटर की दूरी है। दोनों कैंपस मिलाकर DU में 91 कॉलेज आते हैं, लेकिन DUSU चुनावों में केवल 52 कॉलेज और फैकल्टी ही सीधे तौर पर मतदान में भाग लेते हैं। सेंट स्टीफंस, लेडी श्री राम और जीसस एंड मैरी जैसे कुछ प्रमुख कॉलेज DUSU का हिस्सा नहीं हैं। पिछले वर्ष DUSU चुनाव में ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद जीते थे, जबकि NSUI को उपाध्यक्ष पद मिला था। इस बार चुनाव में ABVP, NSUI और AISA-SFI के वाम गठबंधन के उम्मीदवार मैदान में थे। DUSU के पूर्व अध्यक्षों में अरुण जेटली (1974), विजय गोयल (1977), अजय माकन (1985) और अलका लांबा (1995) शामिल रहे हैं जो आगे चलकर केंद्रीय मंत्री या विधायक बने।
Arvind Vishwakarma