सुदीप बंदोपाध्याय का ममता बनर्जी को झटका, 20 बागी सांसद हुए एकजुट

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सुदीप बंदोपाध्याय का ममता बनर्जी को झटका, 20 बागी सांसद हुए एकजुट

ममता बनर्जी को लगा एक और झटका, सबसे पुराने साथी सुदीप बंदोपाध्याय ने भी छोड़ा साथ

पश्चिम बंगाल में हार के बाद <ममता बनर्जी> को लगातार झटके लग रहे हैं। शनिवार को <तृणमूल कांग्रेस> की स्थापना में ममता के साथ रहे <सुदीप बंदोपाध्याय> ने भी अलग जाने का फैसला कर लिया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रभारी <भूपेंद्र यादव> से मुलाकात की, जिससे बागी सांसदों की संख्या 20 हो गई है।

सुदीप बंदोपाध्याय के रुख का संदेश

सुदीप बंदोपाध्याय के इस कदम से यह संदेश गया है कि उनकी पत्नी और राज्य विधानसभा सदस्य <नयना बंदोपाध्याय> भी बागी विधायक दल के साथ जाएंगी। बंदोपाध्याय के अलग होने से यह अटकलें तेज हो गई हैं कि दो दिनों के अंदर कुछ और सदस्य पार्टी छोड़ कर मूल <तृणमूल पार्टी> का दावा कर सकते हैं।

सांसदों का एकजुट होना और आगे की रणनीति

<तृणमूल कांग्रेस> के लोकसभा में 28 सदस्य हैं। सूत्रों का कहना है कि बागी सांसदों के गुट को चार या पांच सदस्यों को छोड़कर हर किसी से समर्थन की आशा है। बताया जाता है कि यह गुट <अभिषेक बनर्जी>, <कल्याण बनर्जी>, <महुआ मोइत्रा> और <कीर्ति आजाद> से कोई संवाद नहीं कर रहा है। सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के वक्त संख्या और बढ़ सकती है, लेकिन फिलहाल 20 सदस्य एकजुट हैं। शनिवार को <सुदीप बंदोपाध्याय> और <शताब्दी राय> ने <भूपेंद्र यादव> से मुलाकात की।

सुदीप बंदोपाध्याय का महत्व

<सुदीप बंदोपाध्याय> का इस गुट के लिए महत्वपूर्ण होना इसलिए भी है क्योंकि वह सबसे पुराने नेता हैं। ममता के दिल्ली से पश्चिम बंगाल जाने के बाद लंबे समय तक वही सदन में पार्टी नेता भी रहे और उनको सभी का विश्वास भी प्राप्त है। वह गुट को बांधे रखने में सक्षम होंगे।

आगे की कार्रवाई

सोमवार को गुट को मान्यता मिलने के बाद पार्टी पर दावे को लेकर दिल्ली से कोलकाता तक चुनाव आयोग के सामने दावा पेश किया जाएगा।

Bhavanesh Soni

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