अमित शाह का विपक्ष पर पलटवार: लोकसभा मेला नहीं, नियम नहीं मानेंगे तो माइक बंद होगा

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अमित शाह का विपक्ष पर पलटवार: लोकसभा मेला नहीं, नियम नहीं मानेंगे तो माइक बंद होगा

लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर गरमागरम बहस: अमित शाह ने विपक्ष को चेताया

लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार से जारी चर्चा के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। शाह ने प्रस्ताव को 'अफसोसजनक' बताते हुए कहा कि स्पीकर किसी एक दल के नहीं, बल्कि पूरे सदन के संरक्षक होते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह सदन कोई 'मेला' नहीं है, और जो सदस्य नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके माइक बंद कर दिए जाएंगे।

अमित शाह ने स्पीकर की निष्पक्षता का किया बचाव

गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना लोकतंत्र की गरिमा पर सवाल उठाने जैसा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्पीकर को नियमों के उल्लंघन पर सदस्यों को रोकने और टोकने का पूरा अधिकार है। शाह ने विपक्ष द्वारा प्रस्ताव लाने में हुई प्रक्रियात्मक त्रुटियों को भी उजागर किया, जैसे कि गलत वर्ष का उल्लेख और जेरोक्स हस्ताक्षर का उपयोग। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी विपक्ष में रहते हुए स्पीकर की निष्ठा पर सवाल नहीं उठाया। शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि सदन को नियम और शिष्टाचार के अनुसार चलना चाहिए, और किसी भी सदस्य को वेल में आकर हंगामा करने या कागज फेंकने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

विपक्ष ने लगाया पक्षपात का आरोप

वहीं, विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने को मजबूर किया जा रहा है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने से बार-बार रोका जाता है, और उनके माइक बंद कर दिए जाते हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर 'समझौते' का मुद्दा भी उठाया, जिसे रविशंकर प्रसाद और अन्य भाजपा नेताओं ने तुरंत खारिज कर दिया। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बताया कि बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी को 20 बार टोका गया।

सत्ता पक्ष का पलटवार

संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया। रिजिजू ने कहा कि ओम बिरला निष्पक्षता से सदन की कार्यवाही चलाते हैं और उन पर लगे आरोप झूठे हैं। उन्होंने विपक्ष के कुछ नेताओं की सदन से अनुपस्थिति और हंगामे को लेकर भी आलोचना की। रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सदन को अराजकता में बदलना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का पद उनके लिए है, ऐसा सोचना गलत है।

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 94(c) लोकसभा को साधारण बहुमत से स्पीकर को पद से हटाने का अधिकार देता है। हालांकि, मौजूदा लोकसभा में NDA के पास पर्याप्त संख्याबल होने के कारण इस प्रस्ताव का पारित होना मुश्किल है। चर्चा के दौरान स्पीकर स्वयं सदन की अध्यक्षता नहीं करते, लेकिन उन्हें अपना पक्ष रखने और मतदान करने का अधिकार होता है।

Ravi Yadav