भोपाल के बड़ा तालाब का सीमांकन फिर शुरू
भोपाल शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले बड़ा तालाब के सीमांकन का कार्य बुधवार से फिर से शुरू किया जाएगा। इस कार्य के तहत प्रशासनिक टीम तालाब के किनारे हो रहे अतिक्रमण की जांच करेगी। सीमांकन में यह पता लगाया जाएगा कि तालाब के किनारे कितने मैरिज गार्डन, फैक्टरी, कॉलेज, स्कूल, फार्म हाउस या घर बनाए गए हैं।
प्रशासनिक टीमें सीमांकन के लिए तैयार
सीमांकन कार्य के लिए 15 पटवारियों के साथ तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक भी शामिल होंगे। सीमांकन का कार्य बैरागढ़ की ओर से शुरू किया जाएगा। इससे पहले भी जिला और नगर निगम प्रशासन, टीएडंसीपी और वन विभाग की टीमों ने इस क्षेत्र में सीमांकन किया था। हाल ही में रेतघाट से खानूगांव तक का सीमांकन किया गया था, जहां कई अतिक्रमण पाए गए थे।
झील क्षेत्र में अतिक्रमण की स्थिति
प्रशासन की नप्ती से यह तय होगा कि किन लोगों ने झील क्षेत्र में अवैध निर्माण किए हैं। इनमें मैरिज गार्डन, कारखाने, स्कूल, कॉलेज, फार्म हाउस और घर शामिल हो सकते हैं। प्रशासन का यह प्रयास भोजवैट लैंड के आदेश पर किया जा रहा है। हालांकि, इससे पहले भी सर्वे और सीमांकन किए गए हैं, लेकिन अतिक्रमणकारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
बैरागढ़ से भैंसाखेड़ी तक सीमांकन
बैरागढ़ तहसीलदार हर्ष विक्रम सिंह ने जानकारी दी कि पहले किए गए सीमांकन को बैरागढ़ क्षेत्र के भैंसाखेड़ी तक बढ़ाया जाएगा। जिला प्रशासन, नगर निगम, टीएडंसीपी और वन विभाग की टीमें इस कार्य में शामिल होंगी।
अन्य क्षेत्रों में सीमांकन बाकी
फिलहाल, प्रशासन ने बैरागढ़ इलाके में ही सीमांकन शुरू किया है। हालांकि, बड़ा तालाब का क्षेत्र टीटी नगर, हुजूर और शहर वृत तक फैला हुआ है, लेकिन इन क्षेत्रों में अभी सीमांकन शुरू नहीं हो सका है।
निष्कर्ष
प्रशासन का यह कदम बड़ा तालाब की सुरक्षा और अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। सीमांकन कार्य से झील के आसपास के अतिक्रमणकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।