धीरेंद्र शास्त्री का छत्तीसगढ़ दौरा: पदयात्रा और जशपुर में कथा की योजना
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों रायपुर में कथा कर रहे हैं। उन्होंने प्रेसवार्ता में कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में जल्द ही पदयात्रा करने और जशपुर में कथा करने की इच्छा व्यक्त की। साथ ही, हिंदू जागरण और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।
हिंदू जागरण और विदेश यात्रा की योजना
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदुओं को बार-बार जागरूक करना पड़ता है, क्योंकि उन्हें गुलामी की आदत लग चुकी है। उन्होंने अपनी आठ देशों की यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि विदेशों में किसी विषय पर अध्ययन करने के बाद ही उसे मान्यता दी जाती है। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही पैरानॉर्मल शक्तियों पर कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में अध्ययन करेंगे और फिर विदेशों में दिव्य दरबार लगाएंगे।
धर्मांतरण पर सख्त रुख
धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अगर कोई अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन करता है, तो इसमें कोई समस्या नहीं है। लेकिन यदि लालच देकर या जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराया जाता है, तो दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की इस दिशा में कानून लाने की योजना का स्वागत किया।
‘आई लव मोहम्मद’ विवाद पर प्रतिक्रिया
‘आई लव मोहम्मद’ के विवाद पर उन्होंने कहा कि उन्हें इससे समस्या नहीं है, लेकिन इसे जिन कारणों से किया जा रहा है, वह विवादास्पद है। उन्होंने कहा कि जो लोग इसे सही ठहरा रहे हैं, उन्हें ‘आई लव महादेव’ से भी समस्या नहीं होनी चाहिए।
रायपुर कार्यक्रम की तैयारियां
पंडित धीरेंद्र शास्त्री 8 अक्टूबर तक रायपुर में रहेंगे। इस दौरान कथा स्थल पर लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल और 5,000 बाउंसर्स तैनात किए गए हैं। गुढियारी परिसर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नि:शुल्क 200 ई-रिक्शा चलाई जाएंगी, जो 4 से 8 अक्टूबर तक सेवा देंगी। भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था भी की गई है, जिसमें रोजाना सुबह 10 बजे और रात 9 बजे भंडारा होगा।
महत्वपूर्ण हस्तियां होंगी शामिल
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक और अन्य गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। पार्किंग की व्यवस्था साइंस कॉलेज मैदान, कोटा मैदान और डब्ल्यूआरएस कॉलोनी के मैदान में की गई है।
निष्कर्ष
पंडित धीरेंद्र शास्त्री का रायपुर दौरा न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उनकी पदयात्रा और जशपुर में कथा की योजना से हिंदू समाज में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जाएगा। रायपुर का यह कार्यक्रम बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है, जिसमें धर्म, आध्यात्म और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा होगी।