उज्जैन में संघ का शताब्दी पथ संचलन, स्वयंसेवकों ने दिया एकता का संदेश

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उज्जैन में संघ  का शताब्दी पथ संचलन, स्वयंसेवकों ने दिया  एकता का संदेश

उज्जैन में संघ के शताब्दी वर्ष पर पथ संचलन

उज्जैन में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भव्य पथ संचलन का आयोजन किया। इस ऐतिहासिक आयोजन में शहर के सात अलग-अलग स्थानों से स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकता का प्रदर्शन करते हुए कदमताल किया। इस कार्यक्रम की शुरुआत शाम 5:30 बजे हुई, जिसमें स्वयंसेवकों ने कतारबद्ध होकर अनुशासन का परिचय दिया।

सात स्थानों से निकला पथ संचलन

पथ संचलन नगर के सात प्रमुख स्थानों से निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लिया। नगर के प्रत्येक क्षेत्र से स्वयंसेवकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया। पथ संचलन के दौरान मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया गया।

वरिष्ठ अधिकारी और अतिथियों का संबोधन

पथ संचलन की शुरुआत से पहले संघ के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया और उन्हें संघ के आदर्शों और अनुशासन की महत्ता के बारे में बताया। इसके अलावा, कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और पेशेवर क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अतिथियों ने स्वयंसेवकों को अपने प्रेरणादायक उद्बोधन से मार्गदर्शन दिया।

एकता और अनुशासन का संदेश

इस आयोजन के माध्यम से स्वयंसेवकों ने समाज को एकता और अनुशासन का संदेश दिया। संघ के अनुसार, यह पथ संचलन न केवल उनकी परंपरा का हिस्सा है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक माध्यम भी है।

उज्जैन में ऐतिहासिक आयोजन

उज्जैन में आयोजित इस पथ संचलन ने न केवल स्थानीय नागरिकों को आकर्षित किया, बल्कि संघ के शताब्दी वर्ष के इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। कार्यक्रम में शामिल हुए सभी लोगों ने इसे सफल बनाने के लिए अपना योगदान दिया।

संघ के इस आयोजन ने उज्जैन में एकता, अनुशासन और प्रेरणा के वातावरण का निर्माण किया।