खड़गे के मनुस्मृति बयान पर राज्यसभा में हंगामा, रिकॉर्ड से हटाया गया
राज्यसभा में पेपर लीक से जुड़े संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने शिक्षा संस्थानों में मनुस्मृति मानने वालों के बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे शूद्रों का पढ़ने का अधिकार छिन गया है।
इस पर सदन में हंगामा शुरू हो गया। जेपी नड्डा ने खड़गे के बयान को तथ्यहीन बताते हुए अशांति फैलने की आशंका जताई। इसके बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि मनुस्मृति वाला बयान रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा।
बहस पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) संशोधन बिल पर हुई, जिसे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेश किया था। लोकसभा में यह बिल बुधवार को लगभग सात घंटे की बहस के बाद पारित हुआ था।
फैक्ट चेक के अनुसार, खड़गे ने जिन सजाओं का उल्लेख किया, वे मूल मनुस्मृति में नहीं बल्कि गौतम धर्मसूत्र में लिखी हैं। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विलियम जोन्स के 1794 के अनुवाद से पहले मनुस्मृति का कोई प्रमाणित पाठ उपलब्ध नहीं है।
Bhavanesh Soni