मध्यप्रदेश के आसमान में नज़ारा कोल्ड सुपरमून का, 14% बड़ा और 30% ज्यादा चमकीला

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मध्यप्रदेश के आसमान में नज़ारा कोल्ड सुपरमून का, 14% बड़ा और 30% ज्यादा चमकीला

मध्यप्रदेश के आसमान में दिखा कोल्ड सुपरमून

मध्यप्रदेश में गुरुवार शाम इस साल की आखिरी पूर्णिमा पर चंद्रमा का विशेष खगोलीय नज़ारा देखने को मिला। वैज्ञानिकों ने इस घटना को कोल्ड सुपरमून का नाम दिया है, जिसे लोगों ने बिना दूरबीन के सामान्य आंखों से स्पष्ट रूप से देखा।

पृथ्वी के करीब आया चंद्रमा

विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि गुरुवार को चंद्रमा पृथ्वी के बेहद करीब था। इसकी दूरी लगभग 3,57,218 किलोमीटर रही, जिस कारण यह सामान्य पूर्णिमा की तुलना में अधिक बड़ा और चमकीला दिखाई दिया। उनके अनुसार चांद निकलने के समय मून इलूजन की वजह से इसका आकार और भी बड़ा नजर आता है।

पेरिजी पर पहुंचने का समय

सारिका घारू ने बताया कि चंद्रमा पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ते हुए शुक्रवार तड़के 4 बजकर 44 मिनट पर अपनी कक्षा के उस बिंदु पेरिजी पर पहुंचेगा, जहां वह पृथ्वी के सबसे निकट होता है। जब पूर्णिमा का चांद पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है, तो उसे सुपरमून कहा जाता है। ऐसे समय में चांद सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत ज्यादा चमकीला नजर आ सकता है।

अगला नजदीकी सुपरमून कब

सारिका के अनुसार, नए साल में इतना नजदीकी सुपरमून देखने के लिए अब 23 दिसंबर 2026 तक इंतजार करना होगा। तब दोबारा चंद्रमा के पृथ्वी के इतने पास आने पर इस तरह का नजारा दिख सकेगा।

सुपर बक मून और थंडर मून

लेख में यह भी बताया गया कि जुलाई में दिखने वाले सुपरमून को सुपर बक मून कहा जाता है। अंग्रेजी शब्द बक का अर्थ वयस्क नर हिरण होता है, और यह नाम उस समय के संदर्भ में जुड़ा है जब हिरणों के नए सींग उगते हैं। कुछ क्षेत्रों में जुलाई के सुपरमून को थंडर मून भी कहा जाता है, क्योंकि उस महीने में बादलों की गरज और बिजली कड़कने की घटनाएं आम होती हैं।

हर दिसंबर में सुपरमून की स्थिति

उज्जैन स्थित जीवाजीराव वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र गुप्त ने बताया कि हर साल दिसंबर महीने में चंद्रमा पृथ्वी के सबसे ज्यादा नजदीक आता है, जिससे सुपरमून की स्थिति बनती है। उनके अनुसार इस दौरान चंद्रमा का दृश्य बेहद आकर्षक होता है और इसे सामान्य आंखों से साफ देखा जा सकता है, इसलिए वेधशाला में इसे देखने के लिए अलग से कोई विशेष व्यवस्था नहीं की जाती।

ज्योतिषीय संदर्भ का उल्लेख

लेख में यह भी उल्लेख किया गया कि माघ पूर्णिमा का सुपरमून सभी राशियों पर सकारात्मक प्रभाव देने वाला माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत ज्योतिषीय विवरण का उल्लेख नहीं किया गया।

Ravi Yadav