उज्जैन में गायों से रौंदने की अनोखी परंपरा

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उज्जैन में गायों  से रौंदने की अनोखी परंपरा

दीपोत्सव में मध्य प्रदेश की अनोखी परंपरा

दीपोत्सव के चौथे दिन मध्य प्रदेश में आस्था और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला। उज्जैन के बड़नगर में गाय गोहरी पूजन के तहत ग्रामीणों ने गायों की पूजा की। इसके बाद वे जमीन पर लेट गए, जिनके ऊपर से गायों को गुजारा गया। इस परंपरा के पीछे मान्यता है कि ऐसा करने से खुशहाली आती है और मन्नतें पूरी होती हैं।

विभिन्न जिलों में परंपराओं की झलक

हरदा में पशुओं को आग के ऊपर से निकाला गया, जिससे उनके सालभर स्वस्थ रहने की कामना की गई। बड़वानी में पाड़ों का दंगल आयोजित हुआ। वहीं देवास में बच्चों को गोबर में लिटाकर उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की गई। सेंधवा में पशुओं को मंदिर की सात परिक्रमा कराई गई, जिसे आतिशबाजी के बीच संपन्न किया गया।

भोपाल और ग्वालियर में विशेष आयोजन

भोपाल में महापौर मालती राय ने नगर निगम कांजी हाउस में गौमाता की आरती की और गौ सेवकों का सम्मान किया। विधायक रामेश्वर शर्मा ने गौमाता को ग्रास अर्पित किया। ग्वालियर में सामूहिक गोवर्धन पूजा में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी शामिल हुए।

उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में गोवर्धन पर्व

उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर पूजन किया गया। पकवानों का भोग अर्पित किया गया। वहीं, श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा चिंतामन जवासिया में संचालित गौशाला में गोवर्धन पूजा की गई।

इन आयोजनों ने मध्य प्रदेश में आस्था और परंपरा के विविध रूपों को उजागर किया, जहां हर क्षेत्र में दीपोत्सव की अलग-अलग छटाएं देखने को मिलीं।

Sachin Saxena