अंडमान सागर में मिला प्राकृतिक गैस का भंडार
नई दिल्ली। भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक नई सफलता दर्ज हुई है। अंडमान सागर के पूर्वी तट से 17 किलोमीटर दूर स्थित श्री विजयपुरम-2 कुएं में प्राकृतिक गैस का भंडार मिला है। यह कुआं लगभग 295 मीटर की पानी की गहराई में स्थित है और इसकी कुल गहराई 2650 मीटर है। इस महत्वपूर्ण खोज की जानकारी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की।
प्रारंभिक परीक्षण में मिली सफलता
पुरी ने बताया कि इस कुएं का प्रारंभिक उत्पादन परीक्षण 2212 से 2250 मीटर की गहराई पर किया गया। परीक्षण के दौरान प्राकृतिक गैस की उपस्थिति की पुष्टि हुई और इसके प्रमाण के तौर पर ज्वाला (फ्लेयरिंग) देखी गई। इस गैस के नमूनों को काकीनाडा पोर्ट पर लाकर परीक्षण किया गया, जिसमें पाया गया कि इसमें 87% मीथेन गैस मौजूद है।
भविष्य की संभावनाएं
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि आने वाले महीनों में इस गैस भंडार के आकार और इसकी व्यावसायिक उपयोगिता का सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अंडमान बेसिन में हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी का प्रमाण मिलना ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम है। यह खोज उन दावों को सही साबित करती है कि अंडमान बेसिन प्राकृतिक गैस से समृद्ध है।
आगे की योजनाएं
पुरी के अनुसार, अब डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनियां जैसे पेट्रोब्रास, बीपी, शेल और एक्सॉनमोबिल के साथ मिलकर इस क्षेत्र में खोज को और बढ़ाया जाएगा। यह प्रयास देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में ले जाने में मदद करेगा और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा।
निष्कर्ष
अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस के भंडार की यह खोज न केवल भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है, बल्कि यह देश की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को भी सुदृढ़ करेगी। इससे भविष्य में ऊर्जा स्रोतों की खोज और विकास के लिए नए रास्ते खुलने की संभावना है।