भाजपा का लोकतंत्र बचाओ मार्च: 1984 सिख नरसंहार पर कांग्रेस को घेरा

· 1 min read
भाजपा का लोकतंत्र बचाओ मार्च: 1984 सिख नरसंहार पर कांग्रेस को घेरा

भाजपा का देशव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च और 1984 सिख विरोधी हिंसा पर आरोप

INDIA ब्लॉक की रामलीला मैदान में रैली के विरोध में भाजपा ने दिल्ली समेत देशभर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च निकाला। दिल्ली में हरि नगर से तिलक नगर तक करीब एक किलोमीटर लंबा मार्च निकाला गया जिसमें 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवार और सिख समुदाय के लोग शामिल हुए। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने रामलीला मैदान में SIR के खिलाफ रैली के लिए 1 नवंबर का दिन जानबूझकर चुना है। 1 नवंबर 1984 को सिख विरोधी हिंसा हुई थी।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने हरियाणा के रोहतक में रैली निकाली। उन्होंने कहा कि वोट चोरी कांग्रेस की विरासत है। ये वोट चोरी भी करते हैं और जनता के वोट का अपमान भी करते हैं। राहुल गांधी विदेशी ताकतों की टूलकिट बनकर काम कर रहे हैं। वे विदेशी ताकतों के इशारे पर देश के लोकतंत्र को चुनौती देना चाहते हैं। देश की 140 करोड़ जनता देख रही है, उसे मालूम है कि ये कौन लोग हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने विदेशों में अराजकता फैलाई। कांग्रेस के लोग कहते हैं कि सत्ता बदल देंगे। यह जनता के वोट से बनी सरकार है, इसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। नितिन नवीन ने कहा कि राहुल गांधी को देश की 140 करोड़ जनता पर विश्वास नहीं है, उन्हें 3 करोड़ घुसपैठियों पर विश्वास है। लोकतंत्र में सबसे बड़ा वोट जनता का वोट होता है। जनता ने जब-जब वोट दिया है, कांग्रेस हारी है। नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि आज संविधान की प्रति लेकर घूमते हो, लेकिन संविधान को तार-तार भी इसी कांग्रेस ने किया है। यह पूरी तरह से कांग्रेस की विरासत है, जो वोट चोरी भी करती है और जनता के मत का भी अपमान करती है। नितिन नवीन ने कहा कि 1 नवंबर 1984 को सिख भाइयों का कत्लेआम हुआ था। तब राहुल गांधी के पिताजी ने कहा था कि जब बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती कांपती है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने रोहतक में कहा कि ये पदयात्रा देश के लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए है। जब ऐसा विपक्ष हो, जो जनादेश का अपमान करता हो, तब जनता के साथ सड़कों पर लोकतंत्र की आवाज बनकर उन्हें चुनौती देने का काम एनडीए का कार्यकर्ता करता है।

अन्य राज्यों में मार्च और केंद्रीय मंत्रियों के बयान

महाराष्ट्र के बोरीवली में भाजपा ने पीयूष गोयल के नेतृत्व में रैली निकाली। हिमाचल प्रदेश के शिमला में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च के लिए बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता इकट्ठे हुए। इसका समापन चौरा मैदान में एक रैली में होगा। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि त्योहारों का सीजन है। साल भर व्यापारी इंतजार करते हैं कि त्योहारों में दो पैसे कमाई होगी। लेकिन राहुल को इनकी परवाह नहीं। CTI ने चार-चार बार उन्हें चिट्ठी लिखकर गुहार लगाई कि इतना बड़ा प्रदर्शन मत करिए लेकिन राहुल के तमाशे के कारण 10 हजार करोड़ का नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के कारण उनका धंधा बंद हो गया है। इंडिया ब्लॉक के भाइयों से पूछना चाहता हूं कि क्या आप भी इस पाप में साझेदार है। क्या आप भाजपा से नफरत करते करते देश की जनता से भी नफरत करने लगे हैं। नड्डा ने कहा कि राहुल विदेश जाकर भारत का अपमान करते हैं। क्या यही आपका एजेंडा है। भारत की जनता आपके झांसे में नहीं आएगी। आप दिल्ली के व्यापारियों का हिसाब देने से नहीं बच सकते। जेपी नड्डा ने कहा कि आज के दिन कांग्रेस के गुंडों ने हमारे बेगुनाह सिपाहियों का कत्लेआम किया था। हजारों बहनें विधवा हो गईं थीं। गांधी परिवार ने आज तक सिख परिवार से दिल से माफी तक नहीं मांगी। राहुल ने सिखों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। जब उन शहीदों और पीड़ितों को याद करना चाहिए था, तब राहुल रामलीला मैदान में अपनी राजनीति चमका रहे हैं।

अभियान की पृष्ठभूमि, समयरेखा और चार सूत्री एजेंडा

भाजपा ने यह अभियान विपक्ष के 'वोट चोरी' और चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देने के लिए शुरू किया है। इसके जरिए पार्टी SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का बचाव कर रही है और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर विपक्ष के सवालों का जवाब जनता तक पहुंचाना चाहती है। 22 अक्टूबर 2026 से अभियान की तैयारी और संगठनात्मक निर्देश जारी हुए। 23 अक्टूबर को इसकी देशव्यापी रूपरेखा सार्वजनिक हुई। पहला चरण 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलेगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्य इकाइयों को अभियान चलाने के निर्देश दिए। शुरुआत में इसका नारा 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ' रखा गया था। बाद में 'भीड़तंत्र' की जगह 'अराजकता' शब्द कर दिया गया। अभियान के चार सूत्री एजेंडा में पहला, SIR का समर्थन: विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर सवाल उठा रहा है। भाजपा का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करना है। दूसरा, वोट चोरी के आरोपों का जवाब: राहुल गांधी और विपक्षी दल चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं। भाजपा इन आरोपों को भ्रामक बताकर जनता के बीच अपना पक्ष रखना चाहती है। तीसरा, चुनाव आयोग का बचाव: भाजपा का कहना है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर बिना आधार आरोप लगाकर उसकी विश्वसनीयता कमजोर की जा रही है। चौथा, कांग्रेस और विपक्ष को घेरना: भाजपा विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगा रही है।

Navjeet Kaur