भोपाल के अरेरा कॉलोनी में शराब दुकान पर विवाद
भोपाल के अरेरा कॉलोनी में शराब दुकान के विरोध में मंगलवार को कई लोग जनसुनवाई में पहुंचे। जिला पंचायत सीईओ ईला तिवारी से निवासियों ने शिकायत की कि अधिकारियों ने शराब दुकान के पास स्थित मंदिर को ही अवैध घोषित कर दिया है। स्थानीय कांग्रेस नेता विवेक त्रिपाठी ने भी इस मुद्दे को उठाया और बताया कि यह स्थान आवासीय उपयोग के लिए है, लेकिन इसे व्यावसायिक रूप से उपयोग किया जा रहा है, जो मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 और नगर निगम अधिनियम 1956 का उल्लंघन है।
मंदिर को मानने से किया इनकार
त्रिपाठी ने कहा कि शराब दुकान के 40 मीटर दूरी पर आर्य समाज मंदिर स्थित है, लेकिन अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में इसे मंदिर मानने से इनकार कर दिया। स्थानीय लोग पिछले सात महीने से प्रशासन, नगर निगम और आबकारी विभाग में शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई है।
क्षेत्र में सामाजिक माहौल पर असर
स्थानीय निवासियों ने शिकायत की कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र में शांति और सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। वहां प्रतिदिन भीड़, वाहनों की आवाजाही और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है, जिससे महिलाओं और बच्चों के लिए आवागमन मुश्किल हो गया है।
जनसुनवाई में उठाई गई मांग
मंगलवार को कलेक्टोरेट में हुई जनसुनवाई में कुल 168 शिकायती आवेदन पहुंचे। इन शिकायतों में प्रमुख रूप से शराब दुकान को बंद करने और मंदिर को अवैध घोषित करने की जांच की मांग की गई। इस दौरान एडीएम अंकुर मेश्राम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।