भोपाल में स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारी अंतिम चरण में
भोपाल नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिए पूरी तैयारी में जुट गया है। सर्वेक्षण टीम अगले 2 दिनों के भीतर शहर का निरीक्षण करने आ सकती है। इस बार "विजिबल क्लीनलीनेस" यानी जमीनी स्तर पर दिखने वाली सफाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। निगम ने सड़कों, नालों, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई के साथ-साथ बैक लेन में पेंटिंग और बाजारों में सौंदर्यीकरण का काम प्राथमिकता से किया है। पंजाबी बाग की एक गली में समुद्र की आकृति उकेरकर कलात्मकता का प्रदर्शन किया गया है।
जमीनी हकीकत और चुनौतियां
हालांकि, सड़कों पर गंदगी, टूटे डस्टबिन, उखड़ी सड़कें और खुले नाले जैसी समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। विजिबल क्लीनलीनेस के 1500 अंक भोपाल के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहे हैं। आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की नई गाइडलाइंस के तहत शहरों की रैंकिंग 10 मुख्य इंडिकेटर्स पर तय होगी।
रैंकिंग निर्धारण के प्रमुख बिंदु
सबसे बड़ी चुनौती: आदमपुर कचरा खंती
आदमपुर कचरा खंती में जमा लेगेसी वेस्ट भोपाल की रैंकिंग पर हर साल भारी पड़ता है। पिछले साल भी इसी वजह से अंक कटे थे। कचरे का पहाड़ अभी भी वैसा ही है, जिससे प्रदूषण फैल रहा है और आग लगने की घटनाएं हो रही हैं।
Satyam Tripathi