सावन का तीसरा सोमवार और नागपंचमी
सावन मास का तीसरा सोमवार और नागपंचमी का पर्व आज एक साथ मनाया जा रहा है। इस विशेष संयोग के चलते शहर के शिव मंदिरों के साथ नाग देवता के मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भक्त भगवान शिव का अभिषेक करने के साथ नाग देवता की पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नागपंचमी पर भगवान शिव के गले में विराजमान नाग देवता की आराधना करने से नाग दोष सहित कई कष्टों से मुक्ति मिलती है। सावन सोमवार के साथ यह पर्व होने से शिव आराधना का महत्व और बढ़ गया है।
प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजन
अचलेश्वर, गुप्तेश्वर, कोटेश्वर, हजारेश्वर और मार्कंडेश्वर सहित शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से अभिषेक और विशेष पूजा शुरू हो गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
सीपी कॉलोनी स्थित किलेश्वर मंदिर में भी नाग देवता की पूजा-अर्चना सुबह से जारी है। मंदिर में शाम 4 बजे भगवान भोलेनाथ का विशेष शृंगार और अभिषेक किया जाएगा।
नाग-नागिन मंदिर में पट खुले
ट्रांसपोर्ट नगर के पास स्थित नाग-नागिन मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है। भक्तों के लिए मंदिर के पट सुबह 4 बजे खोल दिए गए थे। रात 11 बजे तक दर्शन किए जा सकेंगे।
शिव आराधना के साथ नाग देवता की पूजा
सावन के तीसरे सोमवार पर नागपंचमी का पड़ना विशेष संयोग है। इस दिन भगवान शिव की पूजा के साथ नाग देवता की आराधना करने से विशेष फल मिलने की धार्मिक मान्यता है।
पर्व के चलते शहर के प्रमुख शिवालयों और नाग मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी हुई है। मंदिरों में दिनभर पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का दौर जारी रहेगा।
Pushpendra Chaubey