सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का जू और सफारी

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सिंहस्थ 2028  से पहले उज्जैन में बनेगा  अंतरराष्ट्रीय स्तर का जू और सफारी

सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का जू और सफारी

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के आयोजन से पहले पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण बनने जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार और अनंत अंबानी के वनतारा प्रोजेक्ट के सहयोग से उज्जैन के नवलखी बीड़ के रिज़र्व फॉरेस्ट एरिया में 201 हेक्टेयर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का जू, रेस्क्यू सेंटर और सफारी बनाया जाएगा। इस परियोजना पर 350 करोड़ रुपए की लागत आएगी और इसे 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

वन्यजीवों को मिलेगा प्राकृतिक आवास

इस परियोजना के तहत पर्यटकों को शेर, बाघ, हाथी, हिरन, भेड़िए जैसे वन्यजीवों के साथ पक्षी और जलचर जीव देखने का अवसर मिलेगा। यहां वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में रखा जाएगा। इसके अलावा, 4 किलोमीटर क्षेत्र में टाइगर सफारी विकसित की जाएगी। यहां का लैंडस्केप इस प्रकार से बनाया जाएगा कि पर्यटक नदी और पत्थरों के बीच शेरों को देख सकें।

मिनी रेल और नाइट सफारी की योजना

पर्यटन को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए मिनी रेल चलाने की योजना तैयार की गई है। पर्यटक रेल के माध्यम से पूरे पार्क का भ्रमण कर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकेंगे। इसके साथ ही नाइट सफारी शुरू करने की संभावना पर भी चर्चा चल रही है।

रेस्क्यू सेंटर और अस्पताल

रेस्क्यू सेंटर के लिए एक बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के छोटे और बड़े जंगली जानवरों का रेस्क्यू और इलाज किया जाएगा। इसके लिए एक बड़ी बिल्डिंग तैयार की जाएगी, जिसमें वेटरनरी डॉक्टर सहित कई पदों पर भर्ती की जाएगी।

तीन चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्ट

इस प्रोजेक्ट को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। 21 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर की चार सदस्यीय टीम ने क्षेत्र का सर्वेक्षण किया था। टीम ने क्षेत्र की टोपोग्राफी और अन्य पहलुओं का गहन अध्ययन किया और डाटा एकत्रित किया। इसके बाद डीपीआर तैयार की जाएगी। टीम ने वन विभाग के अधिकारियों को प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी, जिसमें अन्य देशों के जू के बारे में चर्चा हुई।

यह प्रोजेक्ट उज्जैन में धार्मिक और रोमांचक पर्यटन को बढ़ावा देने का काम करेगा और इसे ओडिशा के नंदनकानन जू की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।

L. N. Bhargava