जबलपुर में नर्मदा तट का होगा सरयू की तर्ज पर विकास
जबलपुर में मां नर्मदा के तटों को सरयू नदी की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जल्द ही इस परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। यह जानकारी लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने रविवार को एक पत्रकारवार्ता में दी।
नर्मदा तट के घाटों का होगा समग्र विकास
मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि गौरीघाट मां नर्मदा के तट पर स्थित है और इसकी शांत लहरें श्रद्धालुओं को शांति और शक्ति प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि गौरीघाट प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र है। इसी कारण नर्मदा तट को सरयू नदी के घाटों की तर्ज पर सुंदर और सुसज्जित किया जाएगा।
परियोजना का पहला चरण
पहले चरण में खारीघाट, दरोगा घाट, ग्वारीघाट, उमा घाट, सिद्धघाट और जिलहरीघाट को आपस में जोड़कर एक समान और आकर्षक रूप में विकसित किया जाएगा। खारीघाट पर खारी विसर्जन के लिए विशेष जलकुंड बनाया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थित सीढ़ियां, चेंजिंग रूम, तीर्थ पुरोहितों के बैठने की व्यवस्था और मुंडन स्थल तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक छोटा नाव घाट भी विकसित होगा।
घाट क्षेत्र में भीड़भाड़ से समस्या
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में घाट क्षेत्र अत्यधिक भीड़भाड़ वाला है, जिससे यातायात अव्यवस्थित हो गया है। मार्ग की कम चौड़ाई के कारण आवागमन में बाधा होती है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को खतरा पैदा होता है। घाटों पर स्वच्छता बनाए रखने और मां नर्मदा की पवित्रता को संरक्षित रखने के लिए घाटों का सुव्यवस्थित और समग्र विकास आवश्यक है।
राज्य के अन्य प्रमुख लोग उपस्थित
रविवार को हुई पत्रकारवार्ता में राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, महानगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर और एमपीआरडीसी के प्रबंध निदेशक भरत यादव उपस्थित रहे।
Sachin Saxena