लद्दाख में हिंसा के बाद सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर पत्नी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र
लद्दाख में हाल ही में हुई हिंसा के बाद क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया है। उनकी पत्नी, गीतांजलि आंगमो ने बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी इस पत्र की प्रतियां भेजी हैं।
सोनम वांगचुक पर आरोप और गिरफ्तारी
24 सितंबर को लद्दाख में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़कने और चार लोगों की मौत के बाद सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया। उन पर आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शन उग्र करने में भूमिका निभाई। फिलहाल, वे जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। इस हिंसा में करीब दो दर्जन लोग घायल हुए थे।
गीतांजलि आंगमो का दावा
गीतांजलि आंगमो ने अपने पत्र में सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके पति हमेशा भारत की एकता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के समर्थक रहे हैं। उन्होंने लिखा कि सोनम वांगचुक भारतीय सेना के लिए आश्रय और समर्थन प्रदान करते रहे हैं और लद्दाख के लोगों के अधिकारों के लिए लड़ना कभी अपराध नहीं हो सकता।
राष्ट्रपति से चार सवाल
गीतांजलि ने राष्ट्रपति से चार सवाल पूछे हैं:
संविधान का उल्लंघन
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और एजेंसियों ने संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 का उल्लंघन किया है, जो हर नागरिक को कानूनी प्रतिनिधित्व का अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने लिखा कि उन्हें इस अधिकार से पूरी तरह वंचित कर दिया गया है।
रिहाई की मांग
गीतांजलि ने राष्ट्रपति से अपील की कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि उनके पति कभी भी राष्ट्र के लिए खतरा नहीं बन सकते।
लद्दाख के आंदोलन की पृष्ठभूमि
लद्दाख में राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची के विस्तार की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू हुआ था। यह धीरे-धीरे हिंसक हो गया और कई लोग घायल हुए। प्रदर्शन के बीच वांगचुक की भूमिका को सवालों के घेरे में रखा गया है।
अब, इस मामले में राष्ट्रपति और सरकार का आगे क्या कदम होगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।