विदिशा में बेतवा उत्थान समिति का स्थापना दिवस, नदी संरक्षण पर जागरूकता रैली

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विदिशा में बेतवा उत्थान समिति का स्थापना दिवस, नदी संरक्षण पर जागरूकता रैली

विदिशा में बेतवा उत्थान समिति के 23 वर्ष पूर्ण, तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू

मध्य प्रदेश के विदिशा में बेतवा नदी के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रही बेतवा उत्थान समिति के 23 वर्ष पूरे होने पर तीन दिवसीय स्थापना दिवस कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई है। समिति का स्थापना दिवस 11 जनवरी को मनाया जाएगा, जिसके उपलक्ष्य में शहर में जागरूकता और श्रमदान से जुड़े विविध आयोजन रखे गए हैं।

जागरूकता रैली से कार्यक्रमों की शुरुआत

कार्यक्रमों की शुरुआत एक जागरूकता रैली से हुई, जो माधवगंज से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नीमताल तक पहुंची। इस रैली का आयोजन बेतवा उत्थान समिति और विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। रैली में समिति के सदस्य, पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, स्कूली बच्चे, कॉलेज छात्र, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।

2003 से लगातार श्रमदान और नदी संरक्षण

बेतवा उत्थान समिति का गठन वर्ष 2003 में किया गया था। तब से समिति लगातार श्रमदान के माध्यम से बेतवा नदी के घाटों के निर्माण, सफाई और नदी के संरक्षण का कार्य कर रही है। समिति का कहना है कि बीते 23 वर्षों में स्थानीय लोगों की सहभागिता से नदी के प्रति जागरूकता बढ़ी है और श्रमदान की परंपरा निरंतर चल रही है।

नालों की बढ़ती समस्या पर चिंता

समिति के अध्यक्ष अशोक गोयल ने बताया कि बेतवा नदी के उत्थान के लिए श्रमदान 23 वर्ष पहले शुरू किया गया था और यह अभियान आज भी जारी है। उन्होंने चिंता जताई कि समय के साथ नदी में नालों के मिलने की समस्या बढ़ गई है। पहले जहां केवल दो नाले नदी में मिलते थे, अब उनकी संख्या बढ़कर छह हो गई है।

अशोक गोयल ने हाल ही में इंदौर में हुई घटना का उल्लेख करते हुए आशंका व्यक्त की कि वैसी स्थिति विदिशा में न पैदा हो, इसके लिए समय रहते ठोस कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने नगर पालिका से मांग की कि जल आपूर्ति में क्लोरीन की मात्रा बढ़ाई जाए और नालों को सीधे बेतवा नदी में मिलने से रोका जाए, ताकि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल सके।

जल संरक्षण पर जोर, नागरिकों से अपील

कार्यक्रम में वक्ता पूनम भार्गव ने कहा कि बेतवा नदी को लेकर केवल चर्चा पर्याप्त नहीं है, बल्कि ठोस समाधान की आवश्यकता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से जल संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की और कहा कि जनसहभागिता से ही नदी संरक्षण के प्रयास सफल हो सकते हैं।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी और आगे के कार्यक्रम

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष गीता रघुवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। समिति ने बताया कि आने वाले दो दिनों तक बेतवा नदी के संरक्षण और सफाई को केंद्र में रखकर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम और श्रमदान अभियान आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी।

तीन दिवसीय स्थापना दिवस कार्यक्रमों के माध्यम से बेतवा उत्थान समिति का उद्देश्य नदी की वर्तमान स्थिति, उसमें बढ़ते प्रदूषण और नालों की समस्या पर ध्यान आकर्षित करना तथा ठोस कदमों के लिए जनसमर्थन जुटाना है।

Janmejay Chaturvedi